- मुरारी लाल साव
जगेसर हँसत कहिस- "देख भालू कति ले किंजर के आके घर म घुसत हे l "
बिसेसर मुड़ी ला घुमावत देखिस -" आज तो भालू भारी टेंशन म हे तइसे लागत हे l"
पकलू बैगा के टुरा पिंटू ला सब झन भालू भालू कहिथे l भालू जइसे झूलपाहा अउ अपन ढंग ले अलगे रहना गोठियाना सब अलगेच हे l ओइसने एक झन ला कोलिहा कहिथे, नाम ओकर कलेश हे l कोलिहा आके बताइस -"कका भालू ला सरपंच बनेच धमका देहे l "
जगेसर पूछिस -"काबर?
कोलिहा टुरा कहिस -" मै का जानव ग l का का बात होइस ते l" बिसेसर कहिस -" भालू च पूछ लेथन ओमा का बात हे l जा तो बुला के ले आ l कोलिहा टुरा चल दीस l
आइस दूनो झन आघू म खड़ा होगे l
"का होगे कका? "
बिसेसर पूछिस-" तही बता ना? सरपंच तोला का कहि दीस? "
भालू के जी पुतकी म होगे l
बिसेसर मुड़ी ला घुमावत देखिस -" आज तो भालू भारी टेंशन म हे तइसे लागत हे l"
पकलू बैगा के टुरा पिंटू ला सब झन भालू भालू कहिथे l भालू जइसे झूलपाहा अउ अपन ढंग ले अलगे रहना गोठियाना सब अलगेच हे l ओइसने एक झन ला कोलिहा कहिथे, नाम ओकर कलेश हे l कोलिहा आके बताइस -"कका भालू ला सरपंच बनेच धमका देहे l "
जगेसर पूछिस -"काबर?
कोलिहा टुरा कहिस -" मै का जानव ग l का का बात होइस ते l" बिसेसर कहिस -" भालू च पूछ लेथन ओमा का बात हे l जा तो बुला के ले आ l कोलिहा टुरा चल दीस l
आइस दूनो झन आघू म खड़ा होगे l
"का होगे कका? "
बिसेसर पूछिस-" तही बता ना? सरपंच तोला का कहि दीस? "
भालू के जी पुतकी म होगे l
मामला गड़बड़ होवत हे l बताये च पड़ही l भालू कहिस -"तरिया म कोन अपन बच्चा ला फेंके हे तेखर पता लगा के बता कहिथे सरपंच हा?
तरिया पार म किंजर थन एखर मतलब सब चीज ला थोड़े जानबो l"
जगेसर कहिस -" एला महूँ सुने रहेंव l"
भालू ल पूचकार के पूछिस -"जानत होबे बता दें ना? "
जगेसर कहिस -" एला महूँ सुने रहेंव l"
भालू ल पूचकार के पूछिस -"जानत होबे बता दें ना? "
एला तो गाँव म हाँका परवाही त पता चल जही lकोन गर्भवती अपन गरभ ला गिरवाए हे "-जगेसर कहिस l
कोलिहा कहिस -" भालू ल डरवावत हे सरपंच ह l'
भालू के हिम्मत नई होवत हे l
कतका लेन देन म काम होइस l बहुत बड़े घटना हे ये हा l एखर जाँच होना चाही l ये सब लट फ़स अउ लंदी फंदी घटना सरपंच के आये ले होवत हे l
एला सुन भालू के जी पुतकी म lअउ जादा घबराये ला धर लीस l
कुम्हारी
भालू के हिम्मत नई होवत हे l
कतका लेन देन म काम होइस l बहुत बड़े घटना हे ये हा l एखर जाँच होना चाही l ये सब लट फ़स अउ लंदी फंदी घटना सरपंच के आये ले होवत हे l
एला सुन भालू के जी पुतकी म lअउ जादा घबराये ला धर लीस l
कुम्हारी
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें