ज़ख्म जितने छुपाने पड़े।
सौ बहाने बनाने पड़े।
आँसुओं पर नज़र जब गई,
हैं ख़ुशी के जताने पड़े।
जो तरफ़दार कहकर मिले,
नाज़ उनके उठाने पड़े।
जो ख़ुशी ने दिए फ़ायदे,
सब हवा में उड़ाने पड़े।
आज़माएं किसे,कब,कहाँ,
वो तरीके जुटाने पड़े।
रोज़ पाले शिकायत,गिले,
आज दिल से हटाने पड़े।
अमझेरा धार मप्र पिन 454441
मो 9893119724
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