आलेख
भारत में लोक साहित्य का उद्भव और विकास : डॉ. सुशील शर्मा
शोध आलेख
समकालीन हिन्दी उपन्यासों में अभिव्यक्त किन्नर संघर्ष : रामेश्वर महादेव वाढेकर
कहानी
कहानी मुर्ख बूढ़े की : मूल लेखक - मिखाइल जोशेन्को,अनुवाद - सुभाष कुमार
ताबूतसाज़ : मूल लेखक - अलेक्सान्द्र पुश्किन,अनुवाद - नरोत्तम नागर
शर्म की काली चादर : लोकनाथ साहू ललकार
खट्वांग : पुराण/शिवराम चक्रवर्ती
व्यंग्य
बैर बढ़ाते मंदिर - मस्जिद, मेल कराती मधुशालाःडॉ. सुरेश कुमार मिश्रा उरतृप्त
चुनाव ऋतु - संहार : यशवंत कोठारी
नाटक
डूबता सूरज : सुरेश सर्वेद
लघुकथा
सुयश: डॉ. बी आर भण्डारकर
बागडोर : भुवनेश्वर चौरसिया
निःशब्द : प्रिया देवांगन’ प्रियू’
संस्कार : डॉ. बी आर भण्डारकर
भारत में लोक साहित्य का उद्भव और विकास : डॉ. सुशील शर्मा
शोध आलेख
समकालीन हिन्दी उपन्यासों में अभिव्यक्त किन्नर संघर्ष : रामेश्वर महादेव वाढेकर
कहानी
कहानी मुर्ख बूढ़े की : मूल लेखक - मिखाइल जोशेन्को,अनुवाद - सुभाष कुमार
ताबूतसाज़ : मूल लेखक - अलेक्सान्द्र पुश्किन,अनुवाद - नरोत्तम नागर
शर्म की काली चादर : लोकनाथ साहू ललकार
खट्वांग : पुराण/शिवराम चक्रवर्ती
व्यंग्य
बैर बढ़ाते मंदिर - मस्जिद, मेल कराती मधुशालाःडॉ. सुरेश कुमार मिश्रा उरतृप्त
चुनाव ऋतु - संहार : यशवंत कोठारी
नाटक
डूबता सूरज : सुरेश सर्वेद
लघुकथा
सुयश: डॉ. बी आर भण्डारकर
बागडोर : भुवनेश्वर चौरसिया
निःशब्द : प्रिया देवांगन’ प्रियू’
संस्कार : डॉ. बी आर भण्डारकर
धर्मेन्द तिजोरीवाले’आजाद- दो गजलें,
जख्म जितने छुपाने पड़ेः(गजल),
पायल पाजेबःसुशील शर्मा
3. रोला/सुशील शर्मा
जिस दिन गमे ..(गजल) मुरसलीन साकी
मुकेश तिडपुडे की कविताएं
सुन जरा ये आहटः(गीत) देवेन्द्र कुमार पाठक
पुस्तक समीक्षा
लोक मड़ईः अविरल कला यात्रा का ’ लोक मंच’
समीक्षक : शत्रुघन सिंह राजपूत
पुस्तक समीक्षा
लोक मड़ईः अविरल कला यात्रा का ’ लोक मंच’
समीक्षक : शत्रुघन सिंह राजपूत
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