शनिवार, 28 अगस्त 2021

कैलेन्डर की आखिरी तारीख

महेश संतुष्ट

आदमी भीड के आवागमन में
भीड का अंश हो गया-आदमी
लगता है लम्बी भीड़ में
भेड हो गया है'-आदमी ।
भयंकर रेल दुर्धटना के बाद
बिखरी हुई लाशों की
शिनाख्त कर भारी भीड़ में
एक एक- कर छंट गया है -आदमी ।

मुर्दे की अर्थी पर
मरघट तक आंसू बहाकर
अपने हिस्से की तलाश में
खो गया है.. .आदमी ।
शादी, जश्न, जलसे एवं
भीड़ की अन्य किश्तों में
निमंत्रण पत्र की तरह
औपचारिकता का शिकार हो गया-आदमी ।

कानून-कचहरी में
एक दरख्वास्त के बाद
हस्ताक्षर के लिए, कागज और
कैलेंडर की आखिरी तारीख हो गया-आदमी ।

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