ईश्वर कश्यप "भास्कर"
आज नवमी के पितर आहि मोर
बड़का दाई अउ संग डोकरी दाई,
मोर इंहा के हर उखर बर बनाही
बरा सोंहारी अउ साग म कोंचाई।
मोर डोकरी दाई हर जी कोंचाई
के साग ल तो अड़बड़ ग भावय,
जब कभु कोंचाई साग ल पावय
बढ़िया अमटहा मही म बनावय।
मोर 'बड़का दाई' मोर बर करय
अड़बड़ मया आउ दूलार ल जी,
ओकर बिना अबड़ सुन्ना लागथे
ये हमर घर अंगना अउ परिवार।
दाई ददा हर देहे हावय ग जनम
पितर पानी देना हे ग हमर धरम,
पितर गोतर ल सब माना भैय्या
उकरे दे म चलत हे जीवन नैइया।
ग्राम-किरारी/जिला-जांजगीर
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