विजेन्द्र कुमार वर्मा
तब लइकन ला कलम किताब धराना काबर I
संसद मा खाली सालों ले इही बहस चलत हे I
भेजे रिहिस रुपया पहुँचिस एक आना काबर I
भेजे रिहिस रुपया पहुँचिस एक आना काबर I
भाठा टिकरा बंजर जमीन कतको पड़े हावँय I
धनहा डोली मा बनत हे कल कारखाना काबर I
धनहा डोली मा बनत हे कल कारखाना काबर I
इहाँ के मनखे के बेचावत हे खेत खार गहना गुठा I
लोटा धरके आय तेमन बनावत आशियाना काबर I
लोटा धरके आय तेमन बनावत आशियाना काबर I
निकम्मा हो कुर्सी ल पाके अपनेच दाँदर भरत हव I
पाँच साल बाद आ के फेर मारथव बहाना काबर I
पाँच साल बाद आ के फेर मारथव बहाना काबर I
कथनी अउ करनी ल तो एक रखतेव साहब हो I
बाढ़ अउ सूखा मा आके हमदर्दी जताना काबर I
बाढ़ अउ सूखा मा आके हमदर्दी जताना काबर I
हाँ मा हाँ मिलाना हे त मिलात रहौ रे परबुधिया I
दीमक मन चट करके खाथें तब चिल्लाना काबर I
नगरगाँव धरसीवां
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