ईश्वर कश्यप "भास्कर"
इस दिवाली एक दीपक ऐसा जलाएं
जो हमारे मन मंदिर को स्वच्छ बनाएं,
दुसरो के लिए भी प्रेम करुणा जगाएं
हृदय पर मानवता का भाव भर आये।
इस दिवाली एक दीपक ऐसा जलाएं
भटके लोगों को 'सत् मार्ग' दिखलाएं,
आसुरी शक्तियों का तो नाश हो जाएं
भटके लोगों को 'सत् मार्ग' दिखलाएं,
आसुरी शक्तियों का तो नाश हो जाएं
इस धरती में खुशीयों के फूल खिलाएं।
इस दिवाली एक दीपक ऐसा जलाएं
गरिबों के घर पर सुख, समृद्धि आये,
किसान का घर अनाजों से भर जाएं
मजदूर भी अपने काम का दाम पाएं।
गरिबों के घर पर सुख, समृद्धि आये,
किसान का घर अनाजों से भर जाएं
मजदूर भी अपने काम का दाम पाएं।
इस दिवाली एक दीपक ऐसा जलाएं
हम हर एक चेहरों पर 'मुस्कान' लाएं,
बेसहारों के लिए भी सहारा बन जाएं
हर एक घर में हम रौशनी को फैलाएं।
हम हर एक चेहरों पर 'मुस्कान' लाएं,
बेसहारों के लिए भी सहारा बन जाएं
हर एक घर में हम रौशनी को फैलाएं।
इस दिवाली एक दीपक ऐसा जलाएं
हम सभी एक अच्छे इंसान' बन पाएं,
जाति, धर्म, संप्रदाय, का भेद मिटाएं
चलों इस बार हम ऐसा दीप बन जाएं।
ईश्वर कश्यप "भास्कर"
ग्राम-किरारी जिला-जांजगीर ✍️
ग्राम-किरारी जिला-जांजगीर ✍️
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