विजेन्द्र कुमार वर्मा
भ्रष्टाचार के जड़ ह अइसे फइले हावय देश मा।
लगथे येमन देश ला एक दिन नीलाम कर दिहीं का?
पद पा के सुरा सुन्दरी मा मगन हें इहाँ गद्दीदार।
अपने रंगत रंग नौकर शाही ला हम्माम कर दिहीं का?
घुस दे बिगर कोनों काम नइ होय सरकारी तंत्र मा।
अवइया योजना मा लगथे घूसखोरी आम कर दिहीं का?
बाढ़ते हे सोना चाँदी अउ खाय पीये के जिनिस ह।
ढील देके लगथे बाजार ल अउ बेलगाम कर दिहीं का?
येकर मन के बस चलय त रोजमर्रा खाय के जिनिस ल तको ।
आम जन के पहुँच ले दूर कर काजू बादाम कर दिहीं का?
विजेन्द्र कुमार वर्मा
नगरगाँव (धरसीवांँ)
लगथे येमन देश ला एक दिन नीलाम कर दिहीं का?
पद पा के सुरा सुन्दरी मा मगन हें इहाँ गद्दीदार।
अपने रंगत रंग नौकर शाही ला हम्माम कर दिहीं का?
घुस दे बिगर कोनों काम नइ होय सरकारी तंत्र मा।
अवइया योजना मा लगथे घूसखोरी आम कर दिहीं का?
बाढ़ते हे सोना चाँदी अउ खाय पीये के जिनिस ह।
ढील देके लगथे बाजार ल अउ बेलगाम कर दिहीं का?
येकर मन के बस चलय त रोजमर्रा खाय के जिनिस ल तको ।
आम जन के पहुँच ले दूर कर काजू बादाम कर दिहीं का?
विजेन्द्र कुमार वर्मा
नगरगाँव (धरसीवांँ)
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