कविता
बरसत हे जलधार
असाढ़ के फुहार
गरमी ह भगागे
जी ह जुड़ागे
चलिस आँधी, धुर्रा
घुमरिस करिया बदरा
बिजली चमकगे
पानी झमाझम बरसगे
नहावत हे रूख - राई
हवा हे सुखदाई
धरती के करे बर सिंगार
परत हे, असाढ़ के फुहार
मेचका टर्रावत हे
मछरी इतरावत हे
रानी कीरा किंजरत हे
पिटपिटी साँप घूमत हे
सुग्घर होगे मौसम
मगन होगे मन
बोहागे नंदिया म धार
असाढ़ के फुहार
खेत - खार , हरियारी
तिहार हरेली , सवनही
सुआ, ददरिया के गीत
गाबो जंहुरिया मन - मीत
भरही अन - जल भण्डार
असाढ़ के फुहार
पता - ग्राम व पो. - बिरकोनी, जिला - महासमुंद (छग.)
- गणेशराम पटेल
बरसत हे जलधारअसाढ़ के फुहार
गरमी ह भगागे
जी ह जुड़ागे
चलिस आँधी, धुर्रा
घुमरिस करिया बदरा
बिजली चमकगे
पानी झमाझम बरसगे
नहावत हे रूख - राई
हवा हे सुखदाई
धरती के करे बर सिंगार
परत हे, असाढ़ के फुहार
मेचका टर्रावत हे
मछरी इतरावत हे
रानी कीरा किंजरत हे
पिटपिटी साँप घूमत हे
सुग्घर होगे मौसम
मगन होगे मन
बोहागे नंदिया म धार
असाढ़ के फुहार
खेत - खार , हरियारी
तिहार हरेली , सवनही
सुआ, ददरिया के गीत
गाबो जंहुरिया मन - मीत
भरही अन - जल भण्डार
असाढ़ के फुहार
पता - ग्राम व पो. - बिरकोनी, जिला - महासमुंद (छग.)
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